Uttar Pradesh

ERR NEWS EXCLUSIVE: कालाबाजारी पर ड्रग विभाग ने निरस्त किया मेहता सर्जिकल का लाइसेंस

कार्यवाही बरेली : सर्जिकल आइटम कालाबाजारी में फंसे अजय मेहता की प्रतिष्ठान मेहता सर्जिकल का लाइसेंस आखिरकार ड्रग विभाग ने निरस्त कर दिया। गुरुवार को सील दुकान को खोलकर अजय मेहता और उनके साझेदार सर्जिकल आइटम को गाड़ियों में भरवाकर दिनभर शिफ्ट करवाते रहे। अगर उन्हें सर्जिकल आइटम का ही व्यवसाय करना है तो नए सिरे से लाइसेंस लेना होगा।

बता दें कि प्रशासन और एफएसडीए की टीम ने 12 मई को डीडीपुरम में मेहता सर्जिकल्स पर छापा मारकर उत्पादों की बिक्री में अनियमितता पकड़ी थी। एसडीएम सदर विशु राजा और तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा की जांच में बिना लाइसेंस पैकेजिंग होते पीपीई पकड़ी गईं। एक्सपायर हो चुकी पीपीई किट को भी नए सिरे से पैक किया जा रहा था। सैनिटाइजर की बोतल पर लेबल नहीं थे। री-लेबलिंग मानते हुए उनकी दुकान और गोदाम को बंद कराया गया था। मामले में प्रेमनगर पुलिस ने मेहता सर्जिकल्स के संचालक अजय मेहता, उसकी पत्नी सोनिका मेहता, बेटा सुशांत मेहता के साथ ही मेहता ट्रेडर्स के मालिक उनके भाई सुनील मेहता और उनके परिवार वालों के भी नाम खोले थे। अजय मेहता और उसकी पत्नी को कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। वहीं, सुनील मेहता ने एसएसपी से मुलाकात कर अपना कारोबार अजय मेहता से अलग बताकर मेहता सर्जिकल्स से कोई संबंध न होने की बात कही थी।

फ्लोमीटर और ऑक्सीमीटर दस गुने रुपये में बेच रहे थे

मेहता सर्जिकल स्टोर पर उत्पादों में खेल के साथ ही, जीवन रक्षक उपकरणों को भी दस गुने दाम में बेचा जा रहा था। इसका पता तब लगा, जब बिहारीपुर के गौरव सक्सेना अपने परिचित के लिए ऑक्सीमीटर और फ्लोमीटर खरीदने मेहता सर्जिकल्स पहुंचे। इस दौरान उन्हें ऑक्सीमीटर 16 सौ रुपये का बताया गया। रस्तोगी ने बताया कि मेहता सर्जिकल्स पर उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर पर लगने वाला फ्लोमीटर आठ हजार रुपये का बताया गया और एडवांस भुगतान करने पर देने को कहा। बाद में उन्हेें दूसरी दुकान से उसी कंपनी का फ्लोमीटर 3500 रुपये और ऑक्सीमीटर 1200 रुपये में मिल गया था।

छापामारी में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली की पुष्टि होने पर औषधि विभाग ने आरोपी अजय मेहता को सर्जिकल आइटम के पक्के बिल सहित अन्य दस्तावेजों को पेश करने के लिए तीन दिन का समय दिया था। मगर यह समय बीतनेे के बाद भी आरोपी की ओर से दस्तावेज पेश नहीं किए गए थे। इसके बाद ड्रग विभाग ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी और अब लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है l

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