Uttar Pradesh

खबर का हुआ असर मानंन्न खा इंटर कॉलेज के ऑपरेटर पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज ,लेकिन प्रधानाचार्य पर पनियरा पुलिस मेहबान…..क्यों?

सरकार भानु प्रताप तिवारी

उत्तर प्रदेश। महाराजगंज पनियरा/ महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक स्थित मन्नान खां इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और स्कूल के ही कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु मद्धेशिया के बेहद शर्मनाक वीडियो

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वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 206/ 2021 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया है। लेकिन विद्यालय के प्रधानाचार्य पर ना जाने क्यों महाराजगंज जनपद की पुलिस मेहरबान है । बताते चलें कि महराजगंज वह जिला है जो कभी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के गृह जनपद गोरखपुर से जुड़ा हुआ था बाद में गोरखपुर से अलग होकर यह महाराजगंज जनपद बन गया ।गोरखपुर में महामहिम राष्ट्रपति भी पहुंचे थे। लेकिन महामहिम राष्ट्रपति के आने से ज्यादा चर्चा का विषय मन्नान खा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और स्कूल के ही कंप्यूटर ऑपरेटर का अश्लील वीडियो बना हुआ था । स्कूल के प्रधानाचार्य की हरकतें ऐसी थी कि वह मोबाइल पर अपना लिंग दिखाते हुए दुनिया के सामने आ गए तो उस स्कूल के अन्य कर्मचारियों का क्या हाल होगा। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है । जब प्रधानाचार्य के लिंग दिखाने का वीडियो वायरल हुआ तो उसके बाद उसी स्कूल के कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु मद्धेशिया का भी एक बेहद शर्मनाक वीडियो वायरल भी हो गया । जिसमें वह एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं ।वीडियो एक नही दो वायरल हुए हैं । जिसमें एक वीडियो में शिक्षक वीडियो कॉलिंग के माध्यम से एक महिला से अश्लील बातें कर रहे हैं जबकि महिला नग्न अवस्था में नहाती हुई दिखाई दे रही है। वही दूसरे वीडियो में वही महिला के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर शारीरिक संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहे है । इस मामले की जानकारी जब महिला के घरवालों को हुई तो उन्होंने इस कृत्य की शिकायत कोतवाली में की। जिसमें उन्होंने बताया कि उसकी बेटी कक्षा 11 में पढ़ती है और कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु मद्धेशिया उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल और शारीरिक संबंध बनाते थे। जिस पर पुलिस ने धारा 376 सहित तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। लेकिन विद्यालय के प्रधानाचार्य पर महाराजगंज पुलिस क्यों इतनी मेहरबान है कि अभी तक उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। पुलिस जब इसी तरह शिक्षकों को मनमाने ढंग से बचाते हुए चलेगी तो भाजपा सरकार का नारी सशक्तिकरण और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान तो धरातल के भी नीचे चला जाएगा । क्योंकि अभिभावक स्कूलों में हो रही इस तरह की हरकतों से अपनी बेटियों को पढ़ाने के बजाय घर में बैठा ना ज्यादा बेहतर समझेंगे। गुरु को शिक्षा का पुजारी कहा गया है लेकिन जब गुरु ही हवस का पुजारी बन जाए तो मानी बात है कि स्कूल भेजने से पहले अभिभावकों को एक हजार बार सोचना पड़ेगा कि कहीं उसकी बेटी भी इस तरह के हवस के पुजारी शिक्षकों के चंगुल में तो नहीं फंस रही है । शर्म आनी चाहिए ऐसे शिक्षकों को जिन्हें अपने शिष्यों को सही राह पर चलने की शिक्षा देनी चाहिए । लेकिन ये शिक्षक अपने शिष्यों को किस तरह की शिक्षा दे रहे हैं यह तो इनके वायरल वीडियो से ही पता चलता है। इन शिक्षकों की मानसिकता भी जगजाहिर हो चुकी है । लोगों अब सवाल करने लगे हैं कि क्या इस तरह के शिक्षकों को शिक्षक या गुरु कहना उचित होगा । क्योंकि कबीर दास जी ने भी लिखा है कि ” गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए” इसमें भी कवि ने गुरु को भगवान के बराबर का दर्जा दिया है। लेकिन इस तरह के कुकृत्य करने वाले क्या सही में गुरु हो सकते हैं आज यह सवाल ज्वलन्त मुद्दा बनकर जनपद महाराजगंज के लोगों के बीच में घूम रहा है । वहीं पुलिस द्वारा इस तरह की नाकामी और प्रधानाचार्य को बचाने की राजनीति क्षेत्र में शोरगुल पैदा कर रही है। लोगों का कहना है कि क्या कारण है कि कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु पर तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया । लेकिन प्रधानाचार्य पर कार्यवाही करने से वह दूर भागती दिखाई दे रही है । यहां यह भी बताते चलें कि शिक्षकों पर आने वाली नस्लों को शिक्षित कर उन्हें समाज में जीने लायक बनाने का दायित्व होता है । लेकिन योगी सरकार के गृह जनपद से लगे महाराजगंज जिले में एक प्रधानाचार्य कि इस तरह की करतूत समूचे शिक्षा जगत को बदनाम करने के लिए पर्याप्त था । शायद इसी का नतीजा है कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी ने अपने प्रधानाचार्य से भी बढ़कर अपना वीडियो बनवा डाला और वह वायरल भी हो गया। अब यह देखना है कि क्या कंप्यूटर ऑपरेटर पर जिस तरह पुलिस ने अपनी सकारात्मक सोच के तहत कार्यवाही की है क्या उसी तरह मन्नान खा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पर भी कार्यवाही संपादित हो पाएगी और यदि कार्यवाही नहीं होती है तो संभव है कि स्कूल के अभिभावक अपने बच्चों को इस तरह के स्कूल और शिक्षकों से दूर रखने का प्रयास अवश्य करेंगे । एक तरफ भाजपा सरकार अपराध और भयमुक्त समाज के साथ-साथ बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का अभियान चला रही है । वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद से लगा हुआ महाराजगंज जनपद के पनियरा स्थित मानंन्न खा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और एक शिक्षक के द्वारा स्कूल आ रही बेटियों के साथ इस तरह की हरकतें और उस प्रधानाचार्य पर पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना होने के कारण क्षेत्र में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने एक तरफ तो कंप्यूटर ऑपरेटर कर संगीन मामलों में अपराध दर्ज कर लिया है लेकिन देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी कब करती है। क्योंकि पुलिस ने जिन गंभीर अपराधों में मुकदमा पंजीकृत किया है उसमें तो तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। लेकिन सूत्र बताते हैं कि अभी तक कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और ना ही प्रधानाचार्य पर कोई मामला पंजीकृत किया गया है । विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहते हैं । लेकिन इसी मंदिर के पुजारी जब हवस के पुजारी बन जाए तो उस मंदिर का हाल क्या होगा यह तो सभी के जुबान पर ही रखा हुआ है । यहां यह भी बताते चलें कि विद्यालय प्रधानाचार्य और कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु मद्धेशिया वित्तविहीन शिक्षक संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी बताए जाते हैं । सूत्रों के अनुसार यही कारण है कि पुलिस ने तहरीर मिलने पर हिमांशु मद्धेशिया पर तो मुकदमा पंजीकृत कर लिया लेकिन ऊंची पहुंच और शिक्षक संगठन के पदाधिकारी होने का लाभ प्रधानाचार्य को भरपूर मिल रहा है और शायद यही वजह है कि पुलिस में प्रधानाचार्य पर कोई भी मामला पंजीकृत नहीं किया है।

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