कृषि कानून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने और संसद के आगामी सत्र में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इसे खत्म करने की घोषणा के बाद पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का बयान सामने आया है। पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर कथित तौर पर बिना कैबिनेट मंजूरी के कृषि कानूनों को रद्द करने के फैसले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने केंद्र पर आरोप लगाया कि सिर्फ भाजपा की सरकार में कैबिनेट की मंजूरी के बिना कानून बनाए और निरस्त किए जाते हैं।
चिदंबरम ने केंद्रीय गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और भाजपा अध्यक्ष पर भी निशाना साधाते हुए ट्वीट किया। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा ”गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री की घोषणा को एक राजनेता की तरह उठाया साहसिक कदम बताकर सराहना की।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर फैसला किया है।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों की बहुत फिक्र है। आखिर 15 महीनों से आप लोगों ने इसकी सलाह क्यों नहीं दी। चिदंबरम ने सवाल उठाया कि क्या आप लोगों ने इसका संज्ञान लिया कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक के बिना ही यह घोषणा की?