उत्तराखंड चुनाव 2022: नैनीताल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए विधानसभा चुनाव और चुनावी रैलियों को स्थगित किए जाने के मामले में चुनाव आयोग व केंद्र सरकार बुधवार को यानि आज जवाब दाखिल करेगी।
हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग व केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या चुनावी रैलियां वर्चुअल और वोटिंग ऑनलाइन हो सकती हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार को 12 जनवरी तक इस संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार कोविड के मामलों को रोजाना पोर्टल पर अपलोड नहीं कर रही है और न ही कोविड की एसओपी का पालन करवाया जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि कोविड पॉजिटिव होने के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने यहां रैली की, इसलिए चुनावी रैलियों पर रोक लगाई जाए। वहीं राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कहा कि सरकार कोविड से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रोजाना सामने आ रहे कोविड मामलों को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
अधिवक्ता शिव भट्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रैलियों में कोरोना संक्रमण फैलने की पूरी आशंका है। नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तीन सौ प्रतिशत अधिक तेजी से फैल रहा है। इसलिए लोगों के जीवन की रक्षा के लिए चुनावी रैलियों व बड़ी सभाओं को स्थगित किया जाए। याचिकाकर्ता की अपील है कि चुनावी रैलियां वर्चुअल रूप से हों। विधानसभा चुनाव स्थगित किए जाएं इस संबंध में चुनाव आयोग और भारत सरकार को निर्देश दिए जाएं।