अमेरिका : बढ़ते तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में 13 मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजे हैं। यह ऐसे वक्त में हुआ है, जब निकारागुआ ने ताइवान के साथ संबंध तोड़कर चीन संग राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।अमेरिका ने ताइवान से वादा किया है कि वह चीन के हमले से उसकी हर हाल में रक्षा करेगा।
इसके लिए अमेरिका ने ताइवान के साथ मौजूदा सामरिक करार को और मजबूती दी है। सीनेट की विदेशी मामलों का समिति को सहायक रक्षामंत्री (हिंद-प्रशांत) एली रैटनर ने बताया कि चीन के संबंध में अमेरिका ने अपनी रक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए ताइवान की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दे दी है।
एली रैटनर ने कहा, ताइवान की रक्षा हिंद प्रशांत में व्यापक अमेरिकी हितों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि ताइवान की रक्षा के लिए अमेरिका और सहयोगियों ने इलाके में व्यापक सैन्य जमावड़ा किया है। उनके बयान से साफ पता चलता है कि अमेरिका ताइवान को चीन में फिर से मिलाने की कोशिश को किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देगा।
चीन के द्वारा ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में 13 मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजने से ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 13 विमानों में दो एच-6 बॉम्बर्स और एक वाई-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्लेन वायु क्षेत्र में बहुत अंदर तक गए। जवाब में ताइवान ने हवाई गश्ती अभियान चलाया। रेडियो चेतावनी भेजी और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की तैनाती की।