असम: देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस धीरे-धीरे अपनी जमीनी धार खो रही है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बात की। उन्होंने कहा कि अगर गांधी-नेहरू परिवार की इसका नेतृत्व करता रहा तो कांग्रेस पार्टी गर्त में चली जाएगी और पंचायत चुनावों में कहीं दिखाई तक नहीं देगी।
उत्तर-पूर्व लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा साल 2013 में कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि चुनावों में लगातार हार ने सिद्ध किया है कि गांधी परिवार कांग्रेस को जीत तक नहीं पहुंचा सकता है। गांधी परिवार कांग्रेस के नेतृत्व में पूरी तरह असफल रहा है। सरमा ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी पर निर्भर करता है कि उसे क्या करना है l
सरमा ने कहा, ‘ऐसे में, मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में गांधी परिवार कांग्रेस को ऐसी जगह पहुंचा देगा जहां से यह पंचायत चुनावों में भी कहीं नजर नहीं आएगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस के नेताओं पर निर्भर करता है कि वह कैसा भविष्य चाहती है। वह फिर से राजनीति की मुख्य धारा में आना चाहती है या फिर गांधी परिवार के नेतृत्व के साथ अपने हारने के क्रम को आगे भी जारी रखना चाहती है।