कोयला संकट: भीषण गर्मी और कोयले की कमी के चलते देश में बिजली संकट गहराता जा रहा है lउत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश, इन 12 राज्यों में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा हैl
देश में जारी बिजली और कोयला संकट के बीच विभिन्न राज्यों की उत्पादक कंपनियों (जेनको) पर कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) का बकाए का खुलासा हुआ है। खबरो के मुताबिक महाराष्ट्र पर 2,608.07 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल पर 1066.40 करोड़ रुपये, झारखंड पर 1018.22 करोड़ रुपये, तमिलनाडु पर 823.92 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश पर 531.42 करोड़ रुपये और राजस्थान पर 429.47 करोड़ रुपये बकाया हैं।
सीआईएल ने कहा कि महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य के जेनको से संबंधित बकाया बहुत अधिक है, सीआईएल ने इन जेनको को आपूर्ति को विनियमित नहीं किया और उप-समूह योजना और रेक की उपलब्धता के अनुसार पर्याप्त आपूर्ति की है। एससीसीएल और राज्य और केंद्रीय जेनको के बीच संपन्न हुए समझौते के अनुसार, एससीसीएल विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति कर रहा है। उसका आंध्र प्रदेश पर 764.70 करोड़ रुपये, कर्नाटक पर 514.14 करोड़ रुपये, तमिलनाडु पर 59.19 करोड़ रुपये + 32.79 करोड़ रुपये बकाया है।