कानपुर: पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज के ठिकानों से डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने 196.45 करोड़ कैश व 23 किलो सोना बरामद किया था। इसमें से 12 किलो सोने पर विदेशी मुहर लगी हुई थी। इसलिए डीआरआई ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
कानपुर जेल में बंद इत्र कारोबारी पीयूष जैन से डीआरआई (डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) लखनऊ की टीम ने चार घंटे पूछताछ की। उसके ठिकानों से बरामद विदेशी मुहर लगे सोने के मामले में टीम ने उससे जानकारी ली। बयान दर्ज कर टीम लखनऊ लौट गई। पूछताछ में पीयूष ने क्या जानकारी दी, टीम ने इसे गोपनीय रखा है।
डीआरआई के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक अंबरीश टंडन ने बताया कि पीयूष से पूछताछ के लिए कोर्ट में अर्जी देकर अनुमति मांगी गई थी। अर्जी पर सोमवार को सुनवाई के बाद अनुमति मिल गई थी। इसके बाद जेल में डीआरआई की टीम पहुंची, और पीयूष से पूछताछ की और उसके बयान दर्ज किए।
सूत्रों के मुताबिक पीयूष ने अधिकतर सवालों के गोलमोल जवाब दिए हैं। विदेशी सोना उसके पास कैसे आया, किसके जरिये आया, जैसे तमाम सवाल डीआरआई ने उससे पूछे। क्या जवाब दिए, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।