ज्ञानवापी केस: वाराणसी की ज्ञानवापी मामले में प्रारंभिक सुनवाई करने वाले सिविल जज को इस्लामिक आगाज मूवमेंट के नाम पर डाक से धमकी भेजी गई है। सिविल जज रवि कुमार दिवाकर को भेजे गए धमकी भरे पत्र के मामले में कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन के अर्दली की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करते हुए रजिस्टर्ड डाक से आए पत्र को लेकर पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है।
इस बीच जज के आवास और उनकी सुरक्षा में दस पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। अर्दली राजेश कुमार सोनकर के अनुसार मंगलवार को सिविल जज (सीडी) के नाम से रजिस्टर्ड डाक से पत्र आया। उसे सिविल जज सीनियर डिवीजन ने खोला तो उसमें धार्मिक उन्माद फैलाने संबंधी बातें लिखी मिलीं। नई दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित इस्लामिक अगाज मूवमेंट संगठन के कासिम अहमद सिद्दीकी के लेटर पैड पर यह पत्र लिखा गया है।
इसमें जज रवि कुमार दिवाकर को संबोधित करते हुए धमकी भरी भाषा में बातें लिखीं गईं हैं। जज रवि कुमार दिवाकर ने इसकी शिकायत डीजीपी, अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस आयुक्त से भी की है। कैंट इंस्पेक्टर प्रभुकांत के अनुसार अर्दली की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।