ज्ञानवापी केस: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन और अन्य देव विग्रहों को संरक्षित करने के लिए राखी सिंह समेत पांच महिलाओं की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी। काशी विश्वनाथ- ज्ञानवापी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज पूजा के अधिकार को लेकर सुनवाई हुई।
इस दौरान शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह वाराणसी की जिला कोर्ट में जाएं, हमने मामला वहां ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को शिवलिंग की पूजा की इजाजत देने और उसकी कार्बन डेटिंग की मांग को भी सुनने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता राजेश मणि त्रिपाठी ने शिवलिंग की पूजा की अनुमति मांगी थी। उनके वकील ने शीर्ष कोर्ट से कहा कि हम पूजा की अनुमति मांग रहे हैं। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, और जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस नरसिम्हा की पीठ ने की। जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमारे पिछले आदेश के बाद अभी वाराणसी जिला जज की कोर्ट में मेंटेनिबिलिटी पर सुनवाई जारी है। उसी के आदेश पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद की सुनवाई अक्तूबर के पहले हफ्ते तक के लिए टाल दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह तब तक इंतजार करेगी कि अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका पर जिला कोर्ट क्या फैसला लेती है।