शाहजहांपुर: 14 फरवरी को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर मे मतदान के दिन हुए विवाद को लेकर भाजपा समर्थकों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को निगोही थाने से हटाकर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। इनमें पांच दरोगा समेत 25 पुलिसकर्मी शामिल हैं। दरअसल 14 फरवरी को फर्जी वोटिंग को लेकर सपा और भाजपा प्रत्याशियों में विवाद हुआ था, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया था।
तिलहर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और सपा प्रत्याशी के बीच निगोही वर्चस्व का केंद्र रहा। तीन बार के विधायक सपा प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरीं भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा के बीच 14 फरवरी को फर्जी वोटिंग को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि सपा प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा व उनके समर्थकों ने भाजपा नेता आकाश तिवारी की घेरकर पिटाई की थी।
उसी शाम को भाजपा समर्थकों ने थाने का घेराव कर पीलीभीत-शाहजहांपुर रोड जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस लाठीचार्ज कर दिया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पर पथराव भी किया था। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने के बाद एसपी ने थाना प्रभारी को लाइनहाजिर करते हुए मामले को रफा-दफा किया था। लेकिन कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर पीटने वाले पुलिसकर्मी वरिष्ठ भाजपा नेताओं की नजरों में चढ़ गए थे।
रविवार को एसपी एस. आनंद ने निगोही थाने के पांच दरोगा, एक हेड कांस्टेबल, 19 कांस्टेबल को थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेजने का आदेश जारी कर दिया है। सीओ सदर की रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने सभी को तत्काल पुलिस लाइन रवानगी के निर्देश दिए हैं।
एसपी ने कहा कि दरोगा और सिपाहियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। लंबे समय तक काम करने के बाद तनाव हो जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को रिफ्रेशमेंट होने के बाद दूसरी जगह पर तैनात किया जाएगा। यह दंडात्मक कार्रवाई नहीं है, न ही उनके खिलाफ कोई जांच चल रही थी।