यूपी: हर स्थान पर ऑनलाइन या डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता के दौर में यातायात पुलिस भी हाईटेक हो गई है। यातायात पुलिस को हाईटेक बनाने की दिशा में ट्रैफिक निदेशालय ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। इसके तहत अब वाहनों के चालान की रकम के लिए पोस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से मौके पर ही डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की गई है। पूरे प्रदेश के सभी जिलों की ट्रैफिक पुलिस को करीब 10,000 पोस मशीनों से लैस किया जाएगा।
अब नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले चालान की जुर्मान राशि जमा करवाने के लिए लोगों को कतारों और कागजी औपचारिकताओं में समय खराब नहीं करना पड़ता। पुलिस मौके पर ही पीओएस मशीन से चालान कम्पाउंड करने लगी है। जुर्माना राशि भी सीधी सरकारी खाते में जमा हो रही है।
यह व्यवस्था लागू करने के लिए प्रथम चरण के लिए 2000 मशीनें आ गई हैं। इनमें से 50 लखनऊ ट्रैफिक पुलिस को मिली हैं, जिनका ट्रायल शुरू हो गया है। वर्तमान में चालान का जुर्माना एसपी ट्रैफिक अथवा डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय या अन्य निर्धारित स्थानों पर ही जमा करने की सुविधा है।
वाहन का चालान होने पर चौराहों के ट्रैफिक पुलिस बूथ पर पोस मशीन के जरिए डेबिट कार्ड अथवा क्यूआर कोड स्कैन करके भी चालान का डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को पोस मशीन से डिजिटल पेमेंट कराने के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी एसबीआई के स्टाफ को दी गई है। इस मशीन के जरिए पुराने चालान भी जमा कराने की व्यवस्था की जा रही है।