यूपी चुनाव: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में समजावादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच वार-पलटवार लगातार चल रहा है। लेकिन एक शख्स ऐसा भी है, जो इन दोनों का विरोधी है। इनका नाम है- विजय सिंह, जो कि पूर्व शिक्षक हैं और गोरखपुर सदर सीट पर सीएम योगी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की कसम खा चुके थे।
विजय सिंह ने मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट पर अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव प्रचार करने का भी ऐलान किया था। मतलब विजय सिंह अब अखिलेश यादव और सीएम योगी दोनों के विरोधी बन चुके हैं। शामली के चौसाना की चार हजार बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने को लेकर 26 साल तक दुनिया का सबसे लंबा धरना देने वाले मास्टर विजय सिंह गोरखपुर से सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने नामांकन दाखिल नहीं कर सके। प्रस्तावक नहीं मिलने के कारण वह नामांकन से वंचित रह गए।
तीन फरवरी को मास्टर विजय सिंह ने सीएम के सामने चुनाव लड़ने का एलान किया था। उनका कहना था कि सीएम योगी की ओर से कराई गई जांच में अवैध कब्जा साबित होने के बावजूद भूमाफिया पर कार्रवाई न होने से वह आहत है। इसी वजह से गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। चुनाव लड़ने के लिए वह गोरखपुर पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि नामांकन के लिए उन्हें प्रस्तावक नहीं मिले हैं। जिन्हें तैयार किया था, वह डर गए।