काशी मे भस्म की होली: काशी जो कि धर्म एवम अध्यात्म की नगरी है, काशी में सोमवार को भक्तों ने मां गंगा के तट पर जलती चिताओ के बीच रंग गुलाल व चिता भस्म की होली खेली। इस अनोखे होली के उत्सव में हजारों की संख्या में देश के विभिन्न राज्यो से आए श्रद्धालु शामिल हुए।
रंगभरी एकादशी पर काशी के हरिश्चंद्र घाट पर स्थित श्मशान पर भक्तों ने चिताभस्म से होली खेल पुरातन परंपरा का निर्वाह किया। इससे पहले परंपरागत ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान हर-हर महादेव के उद्घोष लगते रहे। नर-मुंड की माला पहने श्रद्धालु बाबा मशान नाथ के जयकारे लगाते रहे।
बाबा भोलेनाथ के भक्तों ने विविध भूत-प्रेत-पिशाच का स्वांग धरा और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ चिता भस्म की होली खेलने गंगा तट पर पहुंच गए। हरिश्चंद्र घाट पर जहां एक तरफ चिता जल रही थी तो वहीं दूसरी तरफ लोग उत्सव मना रहे थे। भक्त महादेव के रंग में रंगते नजर आए। भगवान का रूप धरे कलाकारों ने भी विशेष प्रकार का नृत्य प्रस्तुति किया।
रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन महाश्मशान पर होने वाली चिता भस्म की होली इस साल 15 मार्च को और भव्य रूप में मनाई जाएगी। इस बार मसान की होली में ब्रज और द्वारिका के रंग भी घुलेंगे।