महराजगंज, 24 अप्रैल 2026। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। टेलीग्राम के जरिए “पैसा दुगुना-तिगुना” करने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले इस गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई साइबर क्राइम थाना द्वारा “प्रतिबिम्ब पोर्टल/हॉट स्पॉट” अभियान के तहत की गई। जांच के दौरान पता चला कि आगरा निवासी मुकुल निगम से आरोपियों ने टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाकर एटीएम और चेक के जरिए रकम निकाल ली।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना रवि प्रताप सिंह था, जो स्थानीय लोगों और जनसेवा केंद्र संचालकों को लालच देकर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। बदले में हर ट्रांजेक्शन पर 2 से 2.5 प्रतिशत कमीशन देने का वादा किया जाता था। इसी नेटवर्क के जरिए पिछले करीब 8 महीनों से यह संगठित अपराध चल रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 7 एटीएम कार्ड, कई आधार और पैन कार्ड, पासबुक, क्रेडिट कार्ड समेत एक चार पहिया वाहन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रवि प्रताप सिंह, आकाश पटेल, विजय कुमार मौर्या, आशीष पांडेय और कार्तिकेय पटेल शामिल हैं।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि “पैसा दुगुना-तिगुना” जैसे लालच देने वाले ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें।
पुलिस ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि अनजान टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप से आने वाले लिंक और निवेश प्रस्तावों से दूर रहें, अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में दें।


