महराजगंज पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक तांत्रिक की हत्या कर उसकी लाश को दूसरे जिले में छिपाने वाले शातिर आरोपी राघवेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की पाइप भी बरामद कर ली है। यह पूरी घटना अंधविश्वास, पैसे के विवाद और बदले की भावना से जुड़ी हुई है। गिरफ्तार आरोपी राघवेन्द्र सिंह गोरखपुर के सहजनवां का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि महराजगंज के पिपरा रसूलपुर के रहने वाले रमाकान्त चौहान ओझा-सोखैती और तंत्र-मंत्र का काम करते थे। राघवेन्द्र के घर में कुछ दिक्कतें चल रही थीं, जिसके चलते रमाकान्त अक्सर उसके घर पूजा-पाठ करने आया करते थे। विवाद की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई जब रमाकान्त ने राघवेन्द्र से 2 लाख रुपये उधार मांगे थे। राघवेन्द्र ने पैसे देने से मना कर दिया, जिससे नाराज होकर रमाकान्त ने कहा कि पैसा न देने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे नाराज होकर चले गए। 26 फरवरी 2025 को शिवरात्रि के दिन राघवेन्द्र के बेटे ऋषभ सिंह की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। बेटे की मौत से टूट चुके राघवेन्द्र को तांत्रिक रमाकान्त की कही हुई बात याद आ गई। जब उसने कुछ अन्य ज्योतिषियों और ओझाओं से बात की, तो उन्होंने भी कह दिया कि रमाकान्त ने ही तंत्र-मंत्र करके उसके बेटे को मार डाला है। इसके बाद राघवेन्द्र के सिर पर खून सवार हो गया और उसने बदला लेने की ठान ली। 1 जून 2025 को राघवेन्द्र पूजा-पाठ के बहाने रमाकान्त को अपनी कार में बैठाकर ले गया। रास्ते में उसने रमाकान्त को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। रात करीब 9 बजे सहजनवां के पास एक सुनसान जगह पर जब रमाकान्त कार से नीचे उतरे, तो राघवेन्द्र ने लोहे की पाइप से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पहचान छिपाने के लिए राघवेन्द्र लाश को कार में डालकर बस्ती जिले की तरफ ले गया और रात के करीब 12 बजे एक सुनसान लिंक रोड के किनारे शव को फेंक कर फरार हो गया। जब रमाकान्त के घरवाले उनकी तलाश में राघवेन्द्र के घर पहुंचे, तो उसने उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया। बाद में जब मृतक की पत्नी बिजुला देवी ने महराजगंज के कोतवाली थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, तो आरोपी डरकर दिल्ली भाग गया और वहां प्राइवेट नौकरी करने लगा। हाल ही में जब वह दिल्ली से वापस लौटा और दोबारा भागने की फिराक में था, तभी महराजगंज पुलिस ने उसे धर दबोचा। इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार, उप-निरीक्षक अंजनी कुमार यादव, हेड कांस्टेबल करुणेश सिंह, कांस्टेबल अमित वर्मा और अंकित यादव शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
