यूरोप दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की 3 दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए दिल्ली से प्रस्थान किया। 2022 में प्रधानमंत्री की यह पहली विदेश यात्रा है। इस दौरान वह 25 कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मोदी सात देशों के आठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें करेंगे।
इसी क्रम में रविवार देररात पीएम मोदी साल 2022 में अपनी पहली विदेश यात्रा पर रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस के साथ यूक्रेन मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण को लेकर चर्चा करेंगे। इसकी जानकारी विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूरोप के प्रमुख देशों के साथ बहुआयामी साझेदारी को मजबूत बनाना है।
अपने दौरे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी बयान जारी हुआ। उन्होंने कहा कि उनका यूरोप का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब यह क्षेत्र कई चुनौतियों एवं विकल्पों का सामना कर रहा है और वह भारत के यूरोपीय साझेदारों के साथ सहयोग की भावना को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शांति और समृद्धि की भारत की चाह में यूरोपीय साझेदार प्रमुख साथी हैं।
मोदी ने एक बयान में कहा कि वह जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज के निमंत्रण पर दो मई को बर्लिन का दौरा करेंगे और इसके बाद वह 3-4 मई को डेनमार्क की अपनी समकक्ष मेटे फ्रेडरिक्सन के निमंत्रण पर द्विपक्षीय वार्ता में शामिल होने के लिए कोपनहेगन की यात्रा करेंगे तथा द्वितीय भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वह कुछ समय के लिये फ्रांस में रुकेंगे, जहां मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।