महराजगंज:आशा कार्यकत्री एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से जिले की आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में आशा कार्यकत्रियों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।
दरअसल वर्ष 2006 में नियुक्त आशा कार्यकत्रियों को आज भी वही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जबकि महंगाई में लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन और मजदूरी में बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद आशा कार्यकत्रियों को स्थायी मानदेय नहीं दिया जा रहा है। आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखरेख तथा टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि आशा कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और केंद्र सरकार की न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप निश्चित मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही परिवार आयुष्मान कार्ड, 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, मृतक आश्रितों को नौकरी, आशा आईडी की लंबित धनराशि का भुगतान और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का कार्य पुनः आशा कार्यकत्रियों को सौंपने की मांग की गई है।
संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर की आशा कार्यकत्रियां आंदोलन और धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगी।




