अग्निपथ स्कीम: केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार के खिलाफ बगावती रुख अख्तियार किए हुए हैं। इस बीच एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना बेहतरीन श्रमशक्ति के साथ एक ‘छोटे और घातक’ बल के भारतीय वायुसेना के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई भर्ती प्रणाली वायुसेना की संचालन क्षमता को किसी भी तरह से कम नहीं करेगी।
उन्होंने दावा किया कि संगठनात्मक आवश्यकताओं और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच तालमेल भारतीय वायुसेना को भविष्य में एक बेहद प्रभावी बल बनने के लिए आदर्श परिस्थिति मुहैया करेगा। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि चार साल की नियुक्ति अवधि में 13 टीमें ‘अग्निवीरों’ के नामांकन, रोजगार, मूल्यांकन और प्रशिक्षण का जिम्मा संभालेंगी। कहा, योजना के क्रियान्वयन से पेंशन और अन्य खर्चों में होने वाली कोई भी कमी आकस्मिक है और इसे सुधार लागू करने की वजह नहीं मानना चाहिए।
नई भर्ती योजना के तहत भारतीय वायुसेना के करीब 3,000 पदों के लिए करीब 7,50,000 आवेदकों ने पंजीकरण कराया है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, हम दृढ़ता से मानते हैं कि जरूरत के समय में किसी भी बल में शामिल पुरुष और महिलाएं उसकी ताकत को साबित करते हैं। चौधरी ने कहा, लगातार बदलती और विकसित होती तकनीक के साथ एक वायु योद्धा से अपेक्षित बुनियादी कौशल में भी गुणात्मक बदलाव आया है। हमें लगता है कि आज के युवा न सिर्फ आवश्यक कौशल रखते हैं बल्कि प्रौद्योगिकी के मामले में भी बेहद दक्ष हैं।