महंगाई की मार: भाजपा सरकार मे महंगाई की मार रोजाना बढ़ रही है। महंगाई की मार बुरी तरह से जनता पर पड़ रही है। डीजल, पेट्रोल के बाद अब किसानों द्वारा फसलों में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले डीएपी खाद की कीमत 150 रुपये प्रति कट्टा बढ़ गई है। पहले 50 किलोग्राम के बैग की कीमत 1200 रुपये थी। जो अब 1350 रुपये हो गई है।
उधर, यूरिया की कीमत नहीं बढ़ी, लेकिन बैग में पांच किलो माल कम हो गया है। 50 किलो की जगह यूरिया बैग में 45 किलो खाद आएगा। वहीं यूरिया का 45 किलो का बैग 267 रुपये में मिलेगा, जबकि एनपीके खाद की कीमतें कंपनी व मिश्रण के अनुपात के हिसाब से अलग-अलग हैं।
आगरा में सबसे ज्यादा डीएपी व यूरिया इस्तेमाल होता है। अब जिले में जायद फसलों का सीजन शुरू हो गया है। इसमें मूंग, उड़द, मक्का इत्यादि दलहन की फसलें होंगी। इनमें डीएपी नई रेट पर किसानों को खरीदना पड़ेगा। जुलाई में धान व बाजरा की बुआई के लिए खरीफ फसल में डीएपी का इस्तेमाल होता है।
राज्य किसान सलाहकार समिति के सदस्य बंगाली बाबू अरेला ने बताया कि खेती की लागत बढ़ रही है, लेकिन किसानों का मुनाफा नहीं बढ़ रहा है। डीएपी महंगी होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। डीजल की कीमत बढ़ने से किसान पहले ही परेशान हैं। किसान की खेती का ज्यादातर काम ईधन पर निर्भर है।