असम: असम में इन दिनों बाढ़ और भूस्खलन के कारण वहां लोगों का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। लोगों के घर तबाह हो चुके हैं। चारों ओर कीचड़ ही कीचड़ है। कई लोग बाढ़ में बह गए। फसलें बर्बाद हो गई। 27 जिलों में भयंकर तबाही मची हुई है। हर साल की तरह बाढ़ के समय वन्यजीवों के लिए तमाम जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।
इन सब के बीच असम की एक आईएएस अफसर ने सरलता की मिसाल पेश की है। आईएएस अधिकारी कीर्ति जल्ली को राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए कीचड़ से गुजरते देखा गया। आईएएस अधिकारी कीर्ति जल्ली असम के कछार की उपायुक्त (डीसी) हैं।
उनकी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। सेवा के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए कई नेटिजन्स ने सोशल मीडिया पर कीर्ति जल्ली की प्रशंसा की है। वायरल वीडियो में महिला आईएएस अधिकारी को एक स्थानीय से कहते हुए सुना गया कि साफ पानी की जरूरत नहीं है, मेरे पैर साफ करने के लिए मुझे बाढ़ का पानी दो। जानकारी के अनुसार कीर्ति जल्ली ने 25 मई को बोरखोला विकासखंड के गांव चेसरी जीपी (ग्राम पंचायत) के बाढ़ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया था जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा था।
असम में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन 22 जिलों में अब भी पानी भरा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक, कचार जिले के सिलचर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की तादाद 25 हो गई है। विभिन्न जिलों में फिलहाल 6,50,400 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ ने सबसे ज्यादा नागांव जिले को प्रभावित किया है। यहां 3.51 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद कचार जिले में दो लाख और होजई में 44,500 लोग प्रभावित हुए हैं।