यूपी चुनाव 2022: उत्तर प्रदेश चुनाव नजदीक आते ही दल बदलने का सिलसिला भी तेज हो चुका है। सपा कार्यालय में मंत्रियों सहित कई विधायकों का जमावड़ा लगा है। ये सपा की सदस्यता लेने के लिए इकट्ठा हुए हैं। भाजपा से इस्तीफा देने वाले मंत्री व विधायक तीन दिन से भाजपा छोड़कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिल रहे हैं। भाजपा से इस्तीफा देने वाले मंत्री व विधायक तीन दिन से भाजपा छोड़कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिल रहे हैं।
धर्म सिंह ने कहा कि सपा में आने की कई वजह है। फिर से यूपी में समाजवाद कायम करना है। प्रतिबंध ना होता तो 10 लाख से बड़ी रैली होती। मकर संक्रांति के दिन शपथ लेते हैं कि बाबा साहब के संविधान को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। अखिलेश को सीएम बनाकर संविधान सुरक्षित करना है। इन्होंने जो सम्मान दिया वह बसपा और भाजपा में नहीं मिला। 2024 में प्रधानमंत्री की शपथ दिलाएंगे। धर्म सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 5 सालों में पिछड़ों, दलितों का राजनीतिक, आर्थिक, रोजगार और आरक्षण के क्षेत्र में पूरी तरह से शोषण हुआ। इसे देखते हुए हम पिछड़े, दलित वर्ग के लोग मकर संक्रांति के समय समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।
ये नेता हुए सपा में शामिल
स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, पूर्व मंत्री विधायक भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, डॉ मुकेश वर्मा, बृजेश कुमार प्रजापति, चौधरी अमर सिंह अपना दल से पूर्व विधायक, अली युसुफ पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक नीरज, बलराम सैनी पूर्व विधायक, राजेंद्र सिंह पटेल, धनपत राम पूर्व मंत्री, पद्म सिंह, अयोध्या पाल पूर्व विधायक, बंशी लाल, राम अवतार, आरके मौर्य आदि ने ली सपा की सदस्यता।