महराजगंज, 10 अप्रैल।
भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में महराजगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरन्दरपुर पुलिस, SOG और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 10 लाख रुपये कीमत के 5700 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोरखपुर से सोनौली की तरफ एक कार में कुछ लोग नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर टीम ने रानीपुर चौराहे पर घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 1900-1900 एम्पुल के हिसाब से डायजेपाम, बुप्रेनोर्फिन और प्रोमेथाजिन के कुल 5700 इंजेक्शन बरामद हुए। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, 9000 रुपये नकद और कार भी जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- राजेन्द्र धरिकार उर्फ इलू (32 वर्ष)
- आदित्य कुमार मिश्र (30 वर्ष)
के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे पिछले करीब 6 महीनों से इन इंजेक्शनों को नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों में बेचते थे।
पुलिस के मुताबिक, ये दवाएं सामान्य तौर पर दर्द, एंग्जायटी या एलर्जी के इलाज में इस्तेमाल होती हैं, लेकिन इनका गलत तरीके से मिश्रण कर “कॉकटेल ड्रग” बनाया जाता है, जो युवाओं में तेजी से फैल रहा है। इससे बेहोशी, लत और ओवरडोज जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इस मामले में थाना पुरन्दरपुर में NDPS एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्रवाई के लिए पूरी टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है और आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें।

