अग्निपथ स्कीम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता मे रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति अग्निपथ योजना के बारे में स्पष्टता के उद्देश्य से आज एक बार फिर अहम बैठक करने जा रही है। बैठक में राज्यमंत्री अजय भट्ट, तीनों सेना प्रमुख और रक्षा सचिव उपस्थित रहेंगे।
यह रक्षा मंत्रालय की ओर से की गई निजी पहल है ताकि अग्निपथ योजना को लेकर विपक्ष के डर को दूर किया जा सके और इसका स्पष्ट राजनीतिक हल निकल सके। आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले संसद के विभिन्न सदस्यों के सामने तथ्य रखने के संदर्भ में यह बैठक महत्वपूर्ण है। मल्लिकार्जुन खड़गे, मनीष तिवारी, सुप्रिया सुले, पी विल्सन सहित संसद के कई वरिष्ठ सदस्य इस समिति का हिस्सा हैं।
सूत्रों ने बताया कि “बहुत जल्द संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और विपक्षी दल इस विशेष मुद्दे को जरूर उठाएंगे और उनकी कोशिश रहेगी कि हंगामा पैदा करें। इसलिए यह पहल रक्षा मंत्री द्वारा की गई है ताकि विपक्ष के मुद्दों और अग्निपथ योजना के बारे में जो कुछ पूछा जाए उसे लेकर स्पष्टता प्रदान की जा सके।”
अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून, 2022 को की गई थी। योजना के तहत अब सेना के तीनों अंगों में चार सालों के लिए भर्ती के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दो जुलाई को रक्षा मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, भारतीय सेना और नौसेना ने अग्निवीर कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीरों को सूचीबद्ध किया जाएगा।
योग्यता, तत्परता और चिकित्सा फिटनेस के आधार पर उनमें से 25 प्रतिशत तक को चार साल के बाद नियमित सेवा में बनाए रखा जा सकता है या फिर से सूचीबद्ध किया जा सकता है। बाकी बचे 75 फीसदी अग्निवीरों 11-12 लाख रुपये के “सेवा निधि” पैकेज देकर रिटायर कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें उनके दूसरे करियर के लिए बैंक ऋण और कौशल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। अब तक इस योजना के तहत वायुसेना को भर्ती के लिए 7,49,899 आवेदन मिले हैं।