Harbhajan Singh Retirement: भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार (24 दिसंबर) को सोशल मीडिया पर अपने संन्यास का एलान किया। हरभजन ने भारत के लिए 23 साल में 711 विकेट लिए। हरभजन सिंह भारत के दूसरे स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट में 400 से ज्यादा विकेट लिए थे।
हरभजन ने संन्यास का एलान करते हुए ट्विटर पर लिखा- सभी अच्छी चीजें खत्म हो जाती हैं और आज जब मैं उस खेल से विदा लेता हूं। इस खेल ने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को सुंदर और यादगार बनाया। हरभजन दो वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। हरभजन 2007 में टी20 और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे।
हरभजन ने कहा- जालंधर की तंग गलियों से टीम इंडिया के टर्बनेटर का पिछले 25 साल का सफर बहुत ही खुबसूरत रहा है। जब भी मैं इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरा हूं उससे बड़ी प्रेरणा मेरे लिए जिंदगी में कुछ और नहीं है। लेकिन एक मुकाम आता है जब जिंदगी में आपको कड़े फैसले लेने पड़ते हैं और आगे बढ़ना पड़ता है। मैं पिछले कई सालों से एक एलान करना चाह रहा था और उस चीज का मैं इंतजार कर रहा था कि कब मैं उस पल को आपके साथ शेयर करूं।
मैं आज क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास ले रहा हूं। हर क्रिकेटर की तरह मैं भी भारत की जर्सी में क्रिकेट को अलविदा करना चाह रहा था, लेकिन शायद जिंदगी को कुछ और ही मंजूर था। मैं जिस भी टीम के लिए खेला, मैंने अपना सब कुछ दिया। भज्जी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बहन को दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हरभजन किसी आईपीएल टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। लंबे समय से उनके संन्यास की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर इसका एलान कर दिया है। उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच साल 2016 में खेला था। ऐसे में पूरी संभावना है कि उन्हें किसी टीम के कोचिंग स्टाफ में जगह दी जाएगी।