लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को सरकारी लेटर पैड और मुहर का गलत इस्तेमाल करने के मामले में जमानत नहीं मिली। सरकारी लेटर पैड व मोहर का गलत इस्तेमाल कर वैमनस्यता फैलाने और अपमानित करने के मामले में आरोपी पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को अभियोजन प्रपत्रों की कॉपी दी गई।
एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने आरोप तय करने के लिए 19 जुलाई की तारीख तय की है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खां भी मौजूद थे।
पत्रावली के अनुसार आजम खान के खिलाफ इस मामले की रिपोर्ट हजरतगंज थाने में 1 फरवरी 2019 को वादी अल्लामा जमीर नकवी ने दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया है कि घटना वर्ष 2014 से संबंधित है, लेकिन सरकार के प्रभाव के चलते उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है।
नकवी ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य को भेजे शिकायत में आरोप लगाया है कि आजम खां सरकारी लेटर पैड व मोहर का दुरुपयोग करके भाजपा, आरएसएस और मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी को बदनाम कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि धूमिल कर रहे हैं। तथा उनके प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा रहे है l