Uttar Pradesh

लखीमपुर खीरी मामला: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्र को अभी जेल में ही रहना होगा, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

लखीमपुर खीरी हिंसा: बीते साल लखीमपुर खीरी में हुए तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा पुत्र के आशीष मिश्रा को अभी जेल में ही रहना होगा, आशीष मिश्रा से जुड़े मामले में आज सुनवाई हुई। इस मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को बड़ा झटका लगा है।

इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड मामले मे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

न्यायालय ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आशीष मिश्र को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। यह निर्णय न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया।

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए हाईकोर्ट ने सख़्त टिप्पणी करते हुए कहा कि लखीमपुर मामले में 4 किसान मरे, आरोपी की गाड़ी वहां मौजूद थी, यह सबसे बड़ा तथ्य है l यह मामला जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है l आशीष मिश्र की तरफ़ से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी, पीड़ितों की तरफ से कमलजीत राखड़ा, राज्य सरकार की तरफ से AAG विनोद शाही मौजूद रहे l इससे पहले अभियुक्त, सरकार व पीड़ित पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने 15 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

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उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

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