नई दिल्ली: कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों के लिए पीएम केयर फार चिल्ड्रन योजना चलाई जा रही है। इसी क्रम में कोविड की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घर का सदस्य बन अपने स्नेह को पत्र के जरिये बयां किया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ऐसे बच्चों से संवाद कर उन्हें अकेले न होने का भरोसा दिलाया।
प्रोटोकॉल के अनुसार 18 साल से कम उम्र के ऐसे बच्चों को संबंधित जिले के एनआईसी केंद्र से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बच्चों को जोड़ा जाना था। ऐसे में कार्यक्रम में जिले के 22 में से 18 बच्चे शामिल हुए। कुछ बच्चे रिश्तेदारों के घर थे, जबकि एक बच्चा बोर्ड परीक्षा की वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।
कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों को स्नेह पत्र के अलावा प्रधानमंत्री का पत्र, पीएम जन आरोग्य योजना का कार्ड और पोस्ट ऑफिस खाते की पासबुक दी गई। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत चुने गए इन सभी 22 बच्चों में से 1 बच्ची अब 18 साल की हो चुकी है, जबकि 21 बच्चे 18 साल से कम उम्र के हैं।
इन बच्चों के खातों में 18 साल तक साल दर साल रकम डाली जाएगी। इसके बाद 18 साल की उम्र में इस राशि का किसी जगह निवेश कर दिया जाएगा। इसके बाद उस निवेश से आने वाले ब्याज को हर महीने बच्चे के खाते में डाला जाएगा, ताकि वह अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सके। इसके बाद 23 साल का होने पर उसके खाते में दस लाख रुपये ट्रांसफर हो जाएंगे, जिन्हें वह अपने लिए इस्तेमाल कर सकेगा।