प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान: अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का रविवार 21 जनवरी को छठा दिन था। शैव, शाक्त, वैष्णव परंपरा सहित 127 संप्रदायों और 13 अखाड़ों के चार हजार से अधिक संत-महंत, श्री महंत और महामंडलेश्वर रामलला के विराजमान होने के साक्षी बनने के लिए अयोध्या पहुंच चुके हैं। अयोध्या के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब सनातन धर्म की सभी धाराओं का एकसाथ सरयू के तट पर संगम हो रहा है।
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गईं। प्राण प्रतिष्ठा के लिए पीएम मोदी 22 जनवरी को ही अयोध्या आएंगे। वे सुबह महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। सुबह 11 बजे राम मंदिर पहुंचेंगे, यहां 3 घंटे रुकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से पहले पीएम मोदी राम मंदिर परिसर में लगी जटायु की प्रतिमा का इनॉगरेशन करके पूजा करेंगे।
पूजा-विधि के जजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह अनुष्ठान काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ और आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निर्देशन में 121 वैदिक आचार्य संपन्न कराएंगे। प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि 22 जनवरी को दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। दोपहर एक बजे प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरा हो जाएगा। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। शाम को अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी।

पीएम मोदी सोमवार को चार घंटे अयोध्या में रहेंगे। सुबह 10:25 बजे अयोध्या एयरपोर्ट और 10:55 पर राम जन्मभूमि पहुंचेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद एक बजे प्रस्थान कर सभा को संबोधित करेंगे। 2:10 पर कुबेर टीला के दर्शन कर दिल्ली लौट जाएंगे।