सिंगल यूज प्लास्टिक : सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 30 जून तक मौजूदा स्टॉक को हटा लेने को कहा है। उसके बाद एक जुलाई से सघन अभियान चलाया जाएगा। स्टॉक रखने वालों, आपूर्तिकर्ताओं एवं वितरकों को भी इन उत्पादों के कारोबार से दूर रहने को कहा गया है। इसका उल्लंघन करने वाली कंपनियों को जुलाई के पहले सप्ताह में चलाए जाने वाले अभियान में बंद कर दिया जाएगा।
केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लागू करने के लिए एक जुलाई से देश और राज्यों के स्तर पर कंट्रोल रूम बनेंगे। विशेष प्रवर्तन दल प्रतिबंध की निगरानी करते हुए इसका अनुपालन कराएंगे। इसके लिए 4,005 शहरी क्षेत्रीय निकाय पंजीकृत किए गए हैं।
सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे अपने राज्य में एसयूपी (सिंगल यूज प्लास्टिक) लाने या ले जाने से रोकने के लिए सीमा जांच केंद्र बनाएं। सीपीसीबी के एप पर नागरिक भी शिकायत कर सकेंगे। केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य एजेंसियां और संस्थाएं जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेंगी।
भारत ने 2018 में विश्व पर्यावरण दिवस पर प्लास्टिक प्रदूषण रोकने की पहल की थी। पीएम मोदी ने फरवरी 2022 में वन ओशियन समिट में एसयूपी पर प्रतिबंध की घोषणा की। भारत ने इसे पहले 75 माइक्रोन से कम मोटे प्लास्टिक के कैरी बैग पर 30 सितंबर 2021 से प्रतिबंध लगाया था। 120 माइक्रोन से कम मोटे प्लास्टिक के कैरी बैग पर 31 दिसंबर 2022 से प्रतिबंध लगाने की घोषणा हुई थी।