स्वामी प्रसाद मौर्य: नोएडा के ग्रेंड ओमैक्स सोसायटी में महिला से अभद्रता करने के मामले में गिरफ्तार श्रीकांत त्यागी के केस में अपना नाम आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह को 11 करोड़ 50 लाख 50 हजार का मानहानि का नोटिस भेजा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता के मार्फत भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जानबूझकर और दुर्भावना से उनका नाम श्रीकांत त्यागी के साथ जोड़ा गया।
नोटिस में अधिवक्ता जे एस कश्यप ने कहा है कि उनके मुवक्किल विधान परिषद में सदस्य हैं और छह बार विधानसभा सदस्य रह चुके हैं। नौ अगस्त को हुई प्रेस कांफ्रेस में बिना किसी सबूत के कहा गया है कि श्रीकांत त्यागी को उन्होंने सचिवालय पास (वाहन पास) प्रदान किया था। बिना किसी आधार के और विशुद्ध रूप से द्वेष के कारण यह आरोप लगाए जाने से मुवक्किल को लगातार मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
इस कृत्य से न सिर्फ प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि राजनीतिक करियर को कलंकित करते हैं। उन्होंने सामान्य नुकसान कुल 11 करोड़ 50 लाख 50 हजार (सामान्य और विशेष मुआवजे के रूप में) का नोटिस देते हुए 15 दिन का वक्त दिया है। इसके बाद कानून के अनुसार आपराधिक और दीवानी कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।
आपको बता दें कि श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस आयुक्त अलोक सिंह ने आठ अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि श्रीकांत की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास पांच कार बरामद की गईं। इनमें से एक कार पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ था, जिसके बारे में पूछने पर श्रीकांत ने बताया कि यह उसे स्वामी प्रसाद मौर्य की मदद से मिला है।