कर्नाटक हाईकोर्ट: इंटरनेट के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल द्वारा एप डवलपर्स के लिए अपने ही प्लेटफार्म से भुगतान अनिवार्य करने के नियम की आयोग जांच कर रहा है। गूगल ने अपने खिलाफ जारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच में पूछे सवालों का जवाब देने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट से और समय मांगा था। गूगल ने यह नई व्यवस्था 30 सितंबर से लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन आयोग की सख्ती के बाद इसे दोबारा आगे बढ़ा चुका है।
कुछ दिनों पहले आरोप लगाया गया था कि इंटरनेट के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल एप डवलपर्स पर पेड-एप व इन-एप पर्चेस (पैसा चुकाकर उपयोग किए जाने वाले एप व उपयोग के दौरान किए जाने वाले खर्च) को प्ले स्टोर के पेमेंट सिस्टम से करवाने का दबाव डाल रहा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया कि गूगल द्वारा भारत में प्ले स्टोर के जरिए कायम एकाधिकार के दुरुपयोग की जांच 60 दिन में पूरी हो जाएगी। जांच शाखा के महानिदेशक इसे समय पर पूरा करवा रहे हैं।
सुनवाई में आयोग के वकील सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने कहा कि अगर गूगल जांच में सहयोग करता है तो महानिदेशक को इसे पूरा करने में 60 दिन लगेंगे। गूगल ने बताया था कि जो प्ले स्टोर से एप डवलपर्स अपने पेड-एप या एप के जरिए डिजिटल कंटेंट यूजर्स को बेच रहे हैं, उन्हें गूगल के ही प्ले-बिलिंग सिस्टम के जरिए यूजर्स से भुगतान लेना होगा। इसके लिए 30 सितंबर 2021 डेडलाइन रखी गई। डवलपर्स का आरोप है कि गूगल कमीशन के लिए ऐसी व्यवस्था ला रहा है।