Uttar Pradesh

यूपी: 31 जनवरी को डीजीपी और डीजी मानवाधिकार होंगे सेवानिवृत्त, प्रदेश पुलिस में होंगे कई अहम फेरबदल

यूपी: चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक तीन वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया जाना है, जिसकी वजह से शीर्ष पदों पर तैनात कई आईपीएस अधिकारियों का तबादला होना तय माना जा रहा है। आपको बता दें कि 31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार और डीजी मानवाधिकार एसके माथुर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। विजय कुमार विजिलेंस के डीजी भी हैं, लिहाजा उनके सेवानिवृत्त होने के बाद विजिलेंस को भी नया मुखिया मिलेगा। वहीं एडीजी कानून-व्यवस्था के पद पर भी नये अफसर की तैनाती होनी है।

उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग को पूर्णकालिक डीजीपी के चयन का प्रस्ताव नहीं भेजा है, जिसकी वजह से एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने के आसार हैं। सरकार अपने पसंदीदा अफसर को कार्यवाहक डीजीपी बना सकती है, जिसके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव संपन्न होगा।

आपको बता दें कि डीजीपी विजय कुमार के 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रदेश पुलिस में कई अहम फेरबदल होंगे। प्रदेश को लगातार चौथा कार्यवाहक डीजीपी मिलने के आसार हैं। इसके मुख्य दावेदारों में डीजी सीबीसीआईडी आनंद कुमार, डीजी कारागार एसएन साबत, डीजी भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा और डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार शामिल हैं।

बता दें कि इससे पहले डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा और विजय कुमार को लगातार कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा चुका है। बीते 21 माह से प्रदेश पुलिस को कार्यवाहक डीजीपी से काम चलाना पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने तीनों कार्यवाहक डीजीपी बनाने में वरिष्ठता को प्राथमिकता दी थी। सूत्रों के मुताबिक इस समीकरण में वरिष्ठता सूची में 19वें स्थान पर आने वाले डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि मुकुल गोयल के बाद आनंद कुमार सबसे वरिष्ठ होने की वजह से दावेदार माने जा रहे हैं। वरिष्ठता सूची में 12वें स्थान पर डीजी जेल एसएन साबत हैं, जो भाजपा सरकार में प्रयागराज कुंभ का सकुशल आयोजन करा चुके हैं।

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