यूपी : जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार के सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में उत्तर प्रदेश को पहला पुरस्कार मिला है। यह तीसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार था। जल संरक्षण के प्रयासों के लिए राजस्थान और तमिलनाडु ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में राज्यों, जिलों, स्थानीय निकायों, स्कूलों एवं अन्य को राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रदान किए। पहला राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2018 में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वाले व्यक्तियों व संगठनों को प्रेरित करना इस पुरस्कार का उद्देश्य है। यह अवार्ड प्रदेश को जल संवर्धन व जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए बेहतर काम के लिए प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को यह नेशनल वॉटर अवार्ड दिया। इस मौके पर प्रमुख सचिव अनिल गर्ग व विभागाध्यक्ष वीके निरंजन भी मौजूद थे।
यह अवार्ड राज्य के अलावा जिला व ग्राम पंचायत स्तर समेत विभिन्न श्रेणियों में दिया जाता है। उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 में इसके लिए आवेदन किया गया था। इसके बाद केंद्रीय टीम ने यहां विभिन्न बड़ी बांध परियोजनाओं के साथ ही अन्य कार्यों का मौका मुआयना किया। अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में किए गए कार्य बेहतर पाए गए और इसी क्रम में प्रदेश को राज्य श्रेणी में पहले पुरस्कार से नवाजा गया।