वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को कोई ना कोई सौगात दे रहे है, इसी क्रम में प्रधानमंत्री नए साल में काशीवासियों को और कई नई सौगात देंगे। इसमें प्रमुख रूप से कचरे से कोयला बनाने वाले प्लांट और रोपवे परियोजना का शिलान्यास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री का आठ जनवरी को वाराणसी में कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इसे बाद से जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कचरे से कोयला बनाने का प्लांट देश का पहला प्लांट होगा और पायलट प्रोजेक्ट के तहत रमना में स्थापित किया जा रहा है।
कचरे से कोयला बनाने का पहला प्लांट रमना में तैयार होगा। एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्लांट निर्माण के लिए नगर निगम ने रमना में 25 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। 20 एकड़ में प्लांट निर्माण होगा तो पांच एकड़ में कोयला निर्माण के दौरान निकले अवशेष को निस्तारित करने के लिए वैज्ञानिक विधि से व्यवस्था की जाएगी।
काशी में प्लांट की उपयोगिता सिद्ध हुई तो देश के दो अन्य शहरों इंदौर व भोपाल में भी प्लांट निर्माण होगा। दादरी में हुए अध्ययन के अनुसार 600 टन कचरे से 200 टन कोयला बनेगा। प्लांट निर्माण कार्य आगामी 25 साल को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन शहर से छह सौ टन कचरा निकलता है। प्लांट की क्षमता आठ सौ टन से अधिक कचरा प्रसंस्करण करने की क्षमता होगी। इस प्लांट के निर्माण में 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।