भारतीय वायु सेना: स्वदेशी तेजस विमान सिंगल इंजन और बहु-भूमिका वाला अत्यंत फुर्तीला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है। तेजस हवाई क्षेत्र के साथ उच्च खतरे की स्थितियों में भी लड़ने में कारगर है। यह मुख्य रूप से हवाई युद्ध में काम आने वाला विमान है। ये आठ से नौ टन तक बोझ उठा सकते हैं।
स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान की क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में भारतीय वायु सेना ने एक और कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना इन एलसीए लड़ाकू विमानों को अमेरिकन ज्वाइंट डायरेक्टर अटैक म्यूनिशन किट से लैस करेगी। अमेरिकन ज्वाइंट डायरेक्टर अटैक म्यूनिशन किट से लैस होने के बाद एलसीए लड़ाकू विमान दुश्मन के ठिकानों पर सटीकता से निशाना लगाने में मदद मिलेगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायु सेना ने हाल ही में अमेरिकन ज्वाइंट डायरेक्टर अटैक म्यूनिशन किट को लेकर एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। ये तकनीक हवा से जमीन पर 80 किलोमीटर तक सही निशाने पर बम गिराने में मदद करती है।
जेडीएएम किट से लैस होने वाला भारत में पहला बेड़ा स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमानों का होगा। स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान भविष्य में सशस्त्र बलों के प्रमुख रक्षा आधारों में से एक होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस क्षमता से लैस हो जाने के बाद ये अन्य विमानों एक कदम आगे हो जाएंगे।