टीकाकरण : कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ को देखते हुए भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान बड़ी ही तेजी से चल रहा है। टीकाकरण शूरू होने के बाद से अब तक पहली बार ऐसा हुआ है जब देश में पहली बार पूरी तरह से टीकाकरण करवाने वालों की संख्या आंशिक रूप से टीकाकरण करवाने वालों से ज्यादा हो गई है।
इसका मतलब है कि देश में कोरोना की दोनों डोज लेने वालों की संख्या एक डोज लेने वालों से ज्यादा हो गई है।
कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ की दहशत के बीच देश में कई राज्यों में कोरोना टीकाकरण की धीमी रफ्तार कई राज्य सरकारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
राज्यसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसकी जानकारी दी है कि पांच राज्यों में कोरोना वैक्सीन के करीब 11 करोड़ डोज उपलब्ध हैं जिनका अब तक उपयोग नहीं हुआ है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और राजस्थान शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के डाटा के अनुसार, फिलहाल देश में कोरोना वैक्सीन के 23 करोड़ डोज उपलब्ध हैं। वहीं पांच राज्यों में इन डोज की संख्या 11 करोड़ के करीब है। इनमें उत्तर प्रदेश सबसे पहले स्थान पर है जहां वैक्सीन की 2.9 करोड़ डोज बचे हैं, वहीं बंगाल में 2.5 करोड़, महाराष्ट्र में 2.2 करोड़, बिहार में 1.80 करोड़, राजस्थान में 1.43 करोड़, तमिलनाडु में 1.35 करोड़ और मध्य प्रदेश में 1.1 करोड़ वैक्सीन डोज बचे हुए हैं, जिनका इस्तेमाल अब तक नहीं हुआ है।