वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन नौ दिसंबर से ही होना था। बुधवार को विमान हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत के निधन की वजह से शुभारंभ नहीं हो सका था। पर नगर विकास मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन द्वारा शनिवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी मौजूद रहे।
मिर्जामुराद बस सर्विस स्टेशन में आईं 25 इलेक्ट्रानिक बसों में 24 बसों का संचालन शुरू हो गया। स्टेशन में निर्धारित 13 ई-चार्ज प्वॉइंट में से 10 ने काम करना शुरू कर दिया है। बाकी पर काम किया जा रहा है। काशीवासी अब अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस का सफर कर सकेंगे।
इलेक्ट्रिक बसों का निर्धारित किराया
किलोमीटर किराया
0-3 10 रुपये
3-6 15 रुपये
6-10 20 रुपये
10-14 25 रुपये
14-19 30 रुपये
19-24 35 रुपये
24-30 40 रुपये
30-36 45 रुपये
36-42 50 रुपये
इन तीन रूटों का किया गया निर्धारण
पहले रूट में मिर्जामुराद वाया कैंट से होते हुए बाबतुपर तक चलेगी, दूसरे रूट में बस मिर्जामुराद से वाया जंसा होते हुए कैंट पहुंचेगी, यहां से राजघाट और फिर दोबारा कैंट आकर लंका जाएगी। तीसरे रूट में बस मिर्जामुराद से कैंट वाया अखरी डीएलडब्ल्यू होते हुए मुनारी (सारनाथ) तक संचालित होगी। रात में सभी बसें मिर्जामुराद टर्मिनेट कर दी जाएंगी।
प्रत्येक बस के लिए दो चालकों को नियुक्त किया गया है। 24 बसों के परिचालन के लिए 48 चालकों की नियुक्ति कर की गई। इन्हें बस के संचालन के लिए अभ्यास भी कराया गया है।