यूपी: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्रों को झटका लगा है l सेंट्रल काउंसिल ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन ने इस सत्र के लिए 12 निजी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। ऐसे में बीएएमएस की 880 सीटें अटकी हुई हैं।राज्य में आठ सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज हैं। प्रदेश में आठ सरकारी कॉलेजों में बीएएमएस की 60-60 सीटें हैं। जबकि 57 निजी कॉलेजों में लगभग 5000 सीटें हैं। आयुर्वेद विभाग के निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई हैं, उन्हें दाखिले के लिए बृहस्पतिवार से होने वाली काउंसिलिंग से बाहर कर दिया गया है।
बीएएमएस में 550 सीटें हैं। आयुष कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2021-2022 की काउंसलिंग चल रही है। आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग 3 मार्च से शुरू होगी। कॉलेजों में मानक पूरे नहीं होने पर मान्यता रद्द कर दी गई है। आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. एस.एन. सिंह के अनुसार मानक पूरा नहीं करने के कारण मान्यता रद्द कर दी गई है l केंद्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद की जांच में 27 आयुर्वेदिक कॉलेज मानक के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। इनमें से 12 यूपी के हैं, जिनकी मान्यता रद्द करते हुए सभी मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन कॉलेजों की मान्यता रद्द
मिर्जापुर का अपेक्स, बिजनौर का भगवंत, हाथरस का प्रेम रघु, बलिया का शांति, अलीगढ़ का जेडी, आगरा का केवी व एमडी, फर्रुखाबाद का डॉ. अनार सिंह, अलीगढ़ का शहीद नरेंद्र, गाजीपुर का एसएनएसके, वाराणसी का श्रीकृष्ण और शिकोहाबाद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज।