कोविड-19: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन की अंतरारष्ट्रीय सप्लाई पर रोक लगा दी है l WHO का कहना है कि गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) यानी अच्छी उत्पादन कार्यप्रणाली में कमी के चलते यह फैसला लिया गया है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत में विकसित कोरोना वायरस के टीके कोवाक्सिन को अपने कोवाक्स प्लेटफॉर्म से निकाल दिया। इस प्लेटफॉर्म में शामिल कोविड टीकों को उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति, विकास, शोध आदि में वैश्विक मदद दी जाती है।
संगठन ने बताया कि उसे कोवाक्सिन की उत्पादन प्रक्रिया में कमियां मिलीं थीं, लेकिन टीके के प्रभाव व सुरक्षा को लेकर कोई समस्या नहीं है। कोवाक्सिन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने दावा किया कि जिन करोड़ों लोगों ने उनका टीका लगा, वे सुरक्षित हैं, टीकाकरण प्रमाणपत्र भी मान्य हैं। संगठन ने साफ किया कि उसने कोवाक्सिन के असर की जांच कराई, इसमें कोई बदलाव नहीं मिला है।
टीका प्रभावशाली है और सुरक्षा पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि उसने कोवाक्सिन को संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की खरीद प्रक्रिया से अलग कर दिया। आपात उपयोग प्राधिकार (ईयूएल) मिलने के बाद 14 से 22 मार्च को संगठन ने भारत बायोटेक की जांच करवाई थी। कंपनी ने संगठन के बयान के हवाले से टीके को सुरक्षित बताया।