महाराष्ट्र: पिछले कुछ महीनों में जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों पर होने वाले हमलों में वृद्धि देखी गई है। पिछले तीन महीनों में आतंकवादियों ने 13 लोगों की हत्या कर दी। डर की वजह समुदाय के कई लोग कथित तौर पर अपने परिवारों के साथ घाटी छोड़ रहे हैं।
इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कश्मीर घाटी में हिंदुओं और कश्मीरी पंडितों की हत्याओं पर चिंता व्यक्त की। शिवसेना प्रमुख और सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि कश्मीरी पंडित घाटी से भाग रहे हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को घर वापसी का सपना दिखाया गया था, लेकिन उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और मार डाला जा रहा है। पंडितों का पलायन चौंकाने वाला है। ठाकरे ने आगे कहा कि हमारी सरकार कश्मीरी पंडित नेताओं के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेगी।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 1995 में, जब शिवसेना-भाजपा गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में आया, तो शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने कश्मीरी पंडितों के बच्चों के लिए राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में एक कोटा सुनिश्चित किया था। वहीं अब भी महाराष्ट्र सरकार पडिंतों की मदद करेगी। वही पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि लोग खुद को बचाने के लिए कश्मीर छोड़ रहे हैं, यह सरकार की नीति की विफलता है। स्थिति नाजुक है।