Uttar Pradesh

यूपी: उत्तर प्रदेश मे बड़ा बदलाव, प्रदेश के 53 चिकित्साधिकारियों का हुआ तबादला, 43 बनाए गए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

तबादला: उत्तर प्रदेश मे चिकित्सा विभाग में बड़ा बदलाव किया गया, उत्तर प्रदेश के 53 चिकित्साधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इसमें 43 को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) बनाया गया है। कुछ उन्हीं अस्पतालों में सीएमएस बनाए गए हैं, जहां वे वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में कार्यरत थे।  स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने तबादला सूची जारी कर दी है।

स्थानांतरित चिकित्साधिकारियों में अवध क्षेत्र के जिलों के भी चिकित्सक इधर से उधर हुए हैं। इनमें लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुशील कुमार सक्सेना को लोकबंधु चिकित्सालय का सीएमएस, सिविल अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आरपी सिंह को यहीं पर सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. जीपी गुप्ता को यहीं पर सीएमएस और रानी लक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. संगीता टंडन को इसी अस्पताल में सीएमएस और डॉ. अशोक कुमार को जिला चिकित्सालय बलरामपुर का सीएमएस बनाया गया है। ये सभी इन्हीं अस्पतालों में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर कार्यरत थे।

इसी तरह टीबी सप्रू चिकित्सालय की डॉ. नीता साहू को जिला चिकित्सालय रायबरेली का सीएमएस और जिला चिकित्सालय गोंडा के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को जिला महिला चिकित्सालय बाराबंकी का सीएमएस, जिला चिकित्सालय सीतापुर के डॉ. राकेश कुमार को जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर का सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय बस्ती की सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला महिला चिकित्सालय गोंडा, जिला चिकित्सालय सीतापुर के डॉ. कृष्ण दत्त पांडेय को सीएमएस बस्ती, जिला चिकित्सालय मऊ के सीएमएस डॉ. बृज कुमार को जिला अस्पताल अयोध्या का वरिष्ठ परामर्शदाता, संयुक्त चिकित्सालय संजय नगर गाजियाबाद के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. संजय कुमार को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय बाराबंकी और जिला चिकित्सालय बाराबंकी के डॉ. विनोद चंद पांडे को सीएमएस संजय नगर गाजियाबाद बनाया गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Uncategorized

उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

To Top