परीक्षण सफल: वाराणसी के शाहंशापुर में करीब पांच एकड़ में 23 करोड़ की लागत से बायोगैस प्लांट बनाया गया है। इस प्लांट से प्रतिदिन 2500 किलोग्राम सीएनजी तैयार होगी। अब उत्तर प्रदेश के पहले गोबर से सीएनजी बनाने के प्लांट सफलता पूर्वक संचालित कर दिया गया। गोबर से बायो सीएनजी उत्पादन के परीक्षण के बाद अब 15 अप्रैल से इसकी बाटलिंग की तैयारी है।
नौ एकड़ जमीन पर लगभग 23 करोड़ की लागत से इस शाहंशापुर में प्लांट को लगाया गया है। इस प्लांट से सीएनजी का उत्पादन होगा और पर्यावरण को प्रदूषण से भी बचाया जा सकेगा। इस प्लांट से बायो सीएनजी के अलावा ठोस और तरल खाद का उत्पादन होगा। सीएनजी का इस्तेमाल जहां वाहनों और खाना बनाने के लिए किया जाएगा। वहीं खाद का प्रयोग खेती के लिए होगा। शाहंशापुर गोबर गैस प्लांट के उद्घाटन के करीब तीन महीने बाद तकनीकी टीम ने गुरुवार को गोबर से बायो सीएनजी का उत्पादन कर चिमनी से गैस को जलाकर परीक्षण किया गया।
वाराणसी स्मार्ट सिटी के सहयोग से एक निजी कंपनी के सीएसआर फंड से इस प्लांट से प्रतिदिन ढाई टन बायो सीएनजी का उत्पादन होगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि गोबर से बायो सीएनजी का सफल उत्पादन किया गया है। अब 15 अप्रैल से सीएनजी बाटलिंग शुरू कराई जाएगी और सीएनजी स्टेशन पर इसकी आपूर्ति कराई जाएगी। यहां बता दें कि शाहंशाहपुर गांव में 90 टन गोबर की क्षमता का बायो गैस प्लांट लगाया गया है।