दो दिवसीय सत्र : 3 जनवरी से दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। सत्र एक बार फिर हंगामेदार होने के आसार है। दो दिन तक चलने वाले इस सत्र में सरकार अपने सबसे महत्वपूर्ण योजना दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय का विधेयक पेश करने के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा करेगी। इस बार दिल्ली विधानसभा में प्रश्नकाल का समय भी तय किया गया है।
दिल्ली सरकार की माने तो यह दो दिवसीय सत्र में सरकार दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय का विधेयक रखेगी। केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसमें अगले शिक्षण सत्र 2022-23 में दाखिले शुरू करना है। अलग-अलग विभागों के अलग-अलग समय व दिन तय किए गए है।
विपक्ष आबकारी नीति पर सरकार को घेरेगा। वहीं, सत्ता पक्ष इस नीति से एक कदम पीछे हटने के मूड में नहीं है। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी सत्ता पक्ष व विपक्ष सदन में आमने-सामने होंगे। सत्र की अवधि छोटी होने की वजह से विपक्ष जहां जनहित के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है तो वहीं सरकार भी एमसीडी में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर हावी रहने की रणनीति तैयार की है।
कोविड को देखते हुए दिल्ली विधानसभा के अंदर आने वाले विधायकों को दोनों कोविड टीका या फिर कोविड जांच की रिपोर्ट दिखाना होगा। कोविड जांच रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर का ही मान्य होगा।