India

असम मे बाढ़: असम में आई बाढ़ से तबाही मे 30,000 से 40,000 घर हुए क्षतिग्रस्त, सीएम सरमा ने शाह से मांगी मदद

असम: असम में लगातार हो रही भारी बारिश से और बाढ़ से स्थिति विकट बनी हुई है। असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है, वहाँ पर बेहद गंभीर स्थिति बनी हुई है l असम समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में इन दिनों बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनजीवन काफी बुरी तरह प्रभावित हुआ है l मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही  है।

असम में आई बाढ़ ने तबाही को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हाल ही में आई भारी बाढ़ से असम में 30,000 से 40,000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। शुक्रवार शाम एक बैठक के दौरान सरमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बाढ़ से हुए नुकसान से अवगत कराते हुए मदद मांगी। सरमा ने शाह से बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से अग्रिम राशि जारी करने का अनुरोध किया है।

बाढ़ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने एनडीआरएफ से एक अग्रिम फंड की मांग की। ताकि राज्य में प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र का दरवाजा हमेशा खुला है। धन की कोई कमी नहीं है। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन केंद्र सरकार के सामने पेश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्री ने एनडीआरएफ से तत्काल अग्रिम राशि जारी कराने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य आपदा मोचन कोष का पूरा उपयोग करना होगा, ताकि राज्य को एनडीआरएफ के साथ-साथ अतिरिक्त धनराशि भी मिल सके। एक बयान में कहा गया है कि केंद्र ने मौजूदा बाढ़ से निपटने के लिए असम सरकार को तत्काल सहायता के रूप में 2022-23 के लिए एसडीआरएफ के मद में 324.40 करोड़ रुपये जारी किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र असम में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है तथा इस चुनौती से निपटने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने की खातिर राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है l

Most Popular

Uncategorized

उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही मिशन शक्ति जैसे अभियान को दिखा रहा ठेंगा!दो बीवियों के बीच फसा उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही,एक बीवी घर तो दूसरी को ले तैनाती क्षेत्र में रह रहा था! घर वालों को पता चलने पर दूसरी को छोड़ा तो दूसरी बीवी ने किया मुकदमा!उत्तर प्रदेश में कानून का रखवाला ही कानून की धज्जियां उड़ा रहा,शादीशुदा होने के बावजूद कई सालों से दूसरी महिला को पत्नी बनाकर साथ में रह रहा था! बताते चलें कि देवरिया जिले का सिपाही ना०पु०062620433 रवि प्रताप जो पहले से शादीशुदा था महाराजगंज में तैनाती के दौरान महाराजगंज की एक महिला को भी अपनी पत्नी बनाकर साथ में रखा हुआ था! कई सालों तक साथ में रहने के बाद जब घर वालों को पता चला तो वह दूसरी बीवी को छोड़कर भागने के फिराक में लग गया! लेकिन दूसरी बीवी उसे भागता देख जिले के ही पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंची और सिपाही रवि प्रताप के खिलाफ 376,और 493/506, समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है! अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिपाही रवि प्रताप निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी गोंडा जिले के जीआरपी में कर रहा है और कानून के बीच के बीच फसाकर दूसरी बीवी को प्रताड़ित कर रहा है!आपको बताते चलें कि महाराजगंज जिले में यह मामला काफी चर्चा में रहा है लेकिन विभागीय होने के नाते पुलिस विभाग के द्वारा भी आज तक ना तो सिपाही रवि प्रताप को गिरफ्तार किया गया ना ही उसकी दूसरी पत्नी के लिए न्याय संगत कोई कदम उठाया गया! कागजी कार्यवाही में कोटा पूर्ति करके सिर्फ महिला को थाने कचहरी और कोर्ट तक भगाया गया अब प्रश्न यह उठता है कि जब एक व्यक्ति कई सालों तक उक्त महिला के साथ रह रहा था तो ऐसे में उस महिला के ऊपर पड़ने वाले खर्च का भार कौन उठाएगा और किस के भरोशे न्याय के नियत दर-दर भटकेगी! बात करने पर सिपाही रवि प्रताप की दूसरी पत्नी ने बताया कि सिपाही रवि प्रताप के रिश्तेदारों के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है और तरह-तरह के कूट रचित योजनाओं सेवा किसी भी तरीके से मामले को सुलह के रास्ते पर ले जाना चाहता है! उक्त प्रकरण में जो कि मामला गिरफ्तारी का है कि बावजूद कानून व्यवस्था को ही इस्तेमाल कर उक्त सिपाही इस मामले से निकल अपनी रोटी सेक दूसरी महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है! जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को मजबूत रखने के लिए तरह-तरह के कानून बना रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट और अयाश कानून के रखवाले सारे कानून को तोड़ सरकार की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे हैं!(साक्ष्य मौजूद)

To Top