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बिहार: पटना चिड़ियाघर में सीएम नीतीश कुमार ने दो महीने पहले जन्में बाघिन के चार शावकों का किया नामकरण, जानें क्या हैं उनके नाम

पटना जू: 2020 में जारी भारत की बाघ जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दुनिया की बाघों की आबादी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में बाघ दिवस मनाया गया। इस मौके पर पटना के चिड़ियाघर में जन्म लिए चार नए शावकों का नामकरण भी हुआ। चार शावकों में तीन नर और एक मादा है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चारों शावकों का नाम रखा। नामकरण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू पटना के चिड़ियाघर पहुंचे थे। वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू ने कहा कि “हमारे लिए खुशी की बात है कि दो महीने पहले हमारे चिड़ियाघर में एक बाघिन ने चार बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे पूरी तरह स्वस्थ और अच्छे हैं। बाघ दिवस के मौके पर चारों शावकों का नामकरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने चारों शावक का नाम भेजा है। तीन नर शावकों का नाम केसरी, मगध और विक्रम  है, वहीं एक मादा शावक का नाम रानी रखा गया है। चिड़ियाघर में सबके नाम का डिस्प्ले लगा दिया गया है, लोग इन्हें देख सकेंगे।”

नीरज कुमार ने कहा कि “बिहार में 2018 में की गई जनगणना के अनुसार बाघों की संख्या 31 है, 2022 की रिपोर्ट आना बाकी है, मुझे उम्मीद है कि बाघों की संख्या 45 होगी। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि अगर कोई बाघिन चार शावकों को जन्म देती है, तो सभी चार जीवित रहते हैं। ज्यादातर मामलों में, चार में से दो नवजात निश्चित रूप से मर जाते हैं, इस मायने में हम बहुत भाग्यशाली हैं कि चारों बच गए।”

रॉयल बंगाल बाघिन सरिता ने दो महीने पहले चार शावकों ने जन्म दिया था। इन चार शावकों में दो का रंग सफेद है और दो का रंग सामान्य बाघ की तरह है। इन चारों शावकों की मां सरिता बाघिन हर पल उनका ख्याल रख रही है। चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से भी इन शावकों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। इन शावकों का पिता नकुल बाघ है।

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