गोवा: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गोवा की राजधानी में केंद्र सरकार की गत आठ साल की उपलब्धियों पर आयोजित क्षेत्रीय बैठक की अध्यक्षता की, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के उद्धार में पुरुष बराबर के साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि सबके साथ मिलकर काम करना समाज के लिए एक बड़ा आशीर्वाद है।
उन्होंने कहा कि पूर्व की किसी सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए संस्थान बनाने से पहले कोई ऐसी योजना नहीं बनाई।उन्होंने कहा कि भारत में एक समय था, जब आवेदन करने के बाद जवाब नहीं आता था, तो यह मान लिया जाता था कि वह (आवेदक) बाल देखभाल संस्थान खोल सकता है। गोवा के महिला एवं बाल विकास मंत्री विश्वजीत राणे की उपस्थिति में केंद्रीय मंत्री ने कहा, जब हम बाल अधिकार की बात करते हैं तो हम लड़के के अधिकारों की भी बात करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि (बाल अधिकार के) सबसे खराब उल्लंघन की खबरें उन संस्थानों से आईं जिनकी जांच नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जब किशोर न्याय अधिनियम पर अनुसंधान किया जा रहा था, तब विपक्ष ने भी अपना समर्थन दिया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर कोई बाल देखभाल संस्थान खोलना चाहता है तो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मंजूरी से पहले उस व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच करें। यदि उसकी पृष्ठभूमि सही है तो वह बाल देखभाल संस्थान खोल सकता है।