
महराजगंज। प्रेम संबंधों से उपजे सामाजिक दबाव ने एक युवक की जान ले ली। थाना फरेंदा क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए महराजगंज पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग अपचारी भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी 2026 को बैकुण्ठपुर निवासी आदित्य चौरसिया तिलक-एनिवर्सरी देखने के बहाने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की। चार दिन बाद 6 फरवरी को लेजार महदेवा गांव स्थित दुबौलिया पोखरा के पास गेहूं के खेत से उसका शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आया कि मृतक आदित्य का मुख्य आरोपी मथुरा गुप्ता की नाबालिग बेटी से प्रेम संबंध था। इस बात के उजागर होने पर सामाजिक बदनामी के डर से आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से आदित्य को बुलाकर उसकी हत्या कर दी और शव को तालाब के पास खेत में छिपा दिया, ताकि मामला गुमशुदगी या दुर्घटना प्रतीत हो।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा (आईपीएस) के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में गठित टीम ने फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड और सर्विलांस की मदद से साक्ष्य जुटाए। ठोस सबूतों के आधार पर पुलिस ने मथुरा गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और एक नाबालिग अपचारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
मथुरा गुप्ता पुत्र स्व. रामपत, निवासी लेजार महदेवा टोला लीलाछापर, थाना फरेंदा; प्रदीप गुप्ता पुत्र रामसुभग गुप्ता, निवासी हरपुर टोला कटहिया, थाना फरेंदा तथा एक नाबालिग अपचारी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में मु.अ.सं. 36/2026 धारा 103(1), 238, 3(5), 61(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र कुमार राय, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीनबन्धु प्रसाद, उपनिरीक्षक रत्नेश मौर्य, उपनिरीक्षक अतुल सिंह, उपनिरीक्षक गोविन्दर यादव, महिला उपनिरीक्षक अंजली राय, हेड कांस्टेबल ओमकार पासवान, कांस्टेबल अनिल यादव द्वितीय, कांस्टेबल वीरेन्द्र कुमार तथा कांस्टेबल चन्दन गौड़ थाना फरेंदा, जनपद महराजगंज शामिल रहे।