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कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय के नेतृत्व में लखनऊ विश्वविद्यालय को मिली अनेकों उपलब्धियां

कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय के नेतृत्व में लखनऊ विश्वविद्यालय कोरोना महामारी से लड़ते हुए भी पिछले डेढ़ साल की अवधि में निरंतर शिक्षा, शोध, नवोन्मेष और सामाजिक कर्म के क्षेत्र में आगे बढ़ता रहा है। विश्वविद्यालय ने समस्त विश्व विद्यालय परिवार के लिए कई नए क्षेत्रों में उन्नति के पथ प्रदर्शित किए हैं। शोध के क्षेत्रों में उत्कृष्ट पत्रिकाओं में लेखन से लेकर पेटेंट कॉपीराइट व ट्रेडमार्क के साथ-साथ पर्यावरण उन्नयन डिजिटल उन्नयन छात्र कल्याण संबंधी उन्नयन एवं समस्त प्रकार के रिफॉर्म्स विश्वविद्यालय में देखने को मिले हैं। इन सभी पहलों के चलते विश्वविद्यालय इस दौरान कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने में सफल हुआ है। इनमें से एक अति सम्मानित रैंकिंग है इंडिया टुडे रैंकिंग्स। सन 2021 की इंडियाज बेस्ट यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग इंडिया टुडे द्वारा प्रकाशित कर दी गई है।

इस वर्ष लखनऊ विश्वविद्यालय कई क्षेत्रों में आगे रहा और सन 2020 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन दिखाने में समर्थ रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय को समस्त सरकारी विश्वविद्यालय की सूची में उत्कृष्टता के 21वें नंबर पर रखा गया है। सन 2020 में इसी रैंकिंग कैटेगरी में 22वें नंबर पर विश्वविद्यालय को देखा गया था। पिछले 3 वर्षों में सर्वाधिक पेटेंट पब्लिश करने वाली 5 सरकारी विश्वविद्यालयों में लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरे ही नंबर पर आने में एक सक्षम रही। इसी संदर्भ में पिछले 3 वर्षों में सर्वाधिक पेटेंट प्राप्त करने वाली 5 सरकारी विश्वविद्यालयों में लखनऊ विश्वविद्यालय कोलकाता यूनिवर्सिटी के बाद दूसरे नंबर पर आने में समर्थ रही।

पेटेंट फाइल करने की सूची मैं भी लखनऊ विश्वविद्यालय 40 पेटेंट के साथ चौथे नंबर पर रही। इंडिया टुडे पत्रिका ने यह भी उल्लेख किया है कि लखनऊ विश्वविद्यालय देश की वह संस्थान है जो सर्वाधिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ऑफर करता है और इस सूची में लखनऊ विश्वविद्यालय 128 पाठ्यक्रमों के साथ पहले नंबर पर है। प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने समस्त विश्व विद्यालय परिवार को इन सभी नए अभिलेखों एवं उपलब्धियों के लिए बधाई दी और इन से प्रेरित होकर अगले वर्ष और भी अच्छा परिणाम लाने हेतु आह्वान किया।

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