
महराजगंज : चौक थाना क्षेत्र के परसा सिहूली गांव में करंट की चपेट में आने से घायल हुए बंदर की रविवार सुबह मौत हो गई। करीब एक सप्ताह पूर्व बंदर करंट की चपेट में आया था, जिससे उसका शरीर बुरी तरह जल गया था। लेकिन इलाज न मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विभाग की इस लापरवाही पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और इसे वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर उदासीनता बताया।
बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बीजेपी के पूर्व मिठौरा मंडल अध्यक्ष गिरधारी प्रसाद गुप्ता, सुमेर विश्वकर्मा, मोलई विश्वकर्मा, पिंटू मद्धेशिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग को वन्यजीवों की सुरक्षा और उपचार की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, लेकिन इस घटना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
